नंदप्रयाग

 -बदरिकाश्रम के समीप एक तीर्थ ।

सूरजकुंड

-1. आबू का एक तीर्थ स्थान । 2. श्मशान भूमि का जलाशय या तालाब ।  -33/837.

बधाई

-मांगलिक या शुभ अवसरों का उत्सव । 2. शुभ संवाद, खुशखबरी । 3. शुभ संवाद देने वाले को दिया जाने वाला पुरस्कार । 4. घर में शुभ कार्य या खुशी की घटना होने पर इष्ट मित्रों व संबंधियों में बांटा जाने वाला मांगलिक पदार्थ । 5. आशीर्वचन । 6. मुबारकवाद, शुभकामना । 7. स्वागत । -33/175.
-मेवाड़ राजकुल में शिशु के जन्म पर संबंधित रानी का कामदार महाराणा को सर्व प्रथम बधाई देन पहुंचता था । यह शुभ समाचार शीघ्र ही महलों में सर्वत्र फेल जाता था, तब सरदार, पासवान एवं राजवर्गी लोग महलों पहुंच कर नजराना करते थे एवं महाराणा बधाई स्वीकार करते थे । इस वक्त हरी/दुर्वा बांधकर बधाई दी जाती थी । ईनाम-इकरार, दान-दक्षिणा, गोठ-माठ के आयोजन होते थे । रावले में जहां शिशु का जन्म होता था, दाईमां समस्त दायित्व पूरे करती थी । सर्वप्रथम वही जन्म की सूचना बाहर देती थी । इस पर सोवन थाल बजाया जाता था । -1/36.

जनम आठम

-भादव कृष्णा अष्ठमी ।

रंग पंचमी

-चैत्र कृष्णा पंचमी ।

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