पखावज वादक

-जोधपुर के पखावज वादकों में जावली/मारवाड़ जंक्शन के निकट, घराने के पहाड़सिंह और उनके पुत्र जवारसिंह और पौत्र देवा उल्लेखनीय हैं । हालूका/जयपुर परंपरा के गोपाल, गोमदराम, लक्ष्मणदास, बैजनाथ और नत्थू मानसिंह-कालीन नामचीन पखावजी रहे । इस सिलसिले में जयपुर के पखावज वादक पं. रूपराम के पुत्र वल्लभदास विजयसिंह के समय में जोधपुर रहे थे और बाद में श्रीनाथजी की सेवामें नाथद्वारा चले गये थे । नाथद्वारा का प्रसिद्ध पखावजियों का घराना इन्हीं रूपरामजी का है । इसी परंपरा के घनश्यामदासजी ने मृदंगसागर की रचना की थी ।.....भगत कीरतराम, कुषालदास, गिरधारी, खेमदास और नटवा किशनदास, गणेशदास और डूगल/डूंगर मानसिंह के समय के अच्छे पखावजियों में गिने जाते थे । -17/13-4.


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